isabgol khane ke fayde | isabgol ki bhusi ka upyog
आधुनिक इलाज के दौर में 'इसबगोल' का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है। पाचन तंत्र से संबंधित समस्याओं में दवा के रूप में इसका इस्तेमाल हो रहा है|कब्ज, दस्त,
जोड़ों के दर्द, मल में रक्त, पाचनतंत्र संबंधी गड़बड़ी, शरीर में पानी की कमी, मोटापा व डायबिटीज में इसबगोल काफी फायदेमंद होता है। जोड़ों के दर्द, कब्ज व पाचनतंत्र
को दुरूस्त करने के लिए रात के खाने के बाद एक गिलास गर्म दूध के साथ एक चम्मच इसबगोल की भूसी लेने से लाभ होता है। दस्त के दौरान रक्तस्राव हो या लंबे
समय से कब्ज हो तो आधा कप पानी के साथ इसकी भूसी लें। 20 मिलीलीटर की मात्रा में एक गिलास पानी में मिला लें और एक चम्मच इसबगोल के बीज साथ में लें।
इससे आंतों में होने वाली रूकावट व संक्रमण दूर होता है। तो आइए विस्तार से जानते हैं इसबगोल के फायदों के बारे में...
ईसबगोल के लाभ (Isabgol ke Fayde) -
isabgol benefits for health | isabgol ke chilke ke fayde
1 वजन कम करे - अक्सर पेट यानी आपकी आंतों में मौजूद वेस्टेज की वजह से ही शरीर में फैट बढ़ने लगता है, जब तक आपका पेट साफ नहीं होगा तब तक आप
स्वस्थ नहीं रह सकते है। पेट साफ न होना वजन बढ़ने का कारण बनता है। अगर आप चाहते हैं कि आपका वजन नियंत्रित रहे तो रात को सोते समय कुछ दिनों तक
इसबगोल का सेवन कर सकते हैं। फाइबर युक्त इसबगोल के सेवन से वजन कम करने में भी मदद मिलती है।
2 दस्त और डायरिया में राहत - 6 चम्मच दही के साथ 3 चम्मच भूसी के मिक्स करके बिस्तर पर जाने से पहले और भोजन के बाद खाने से तेजी से राहत मिलती है.
जल्दी राहत के लिए एक दिन में दो बार ले सकते है।
3 एसिडिटी में मदद - कभी-कभी हमारी गलत आदतों जैसे की फास्ट फूड खाने या कम नींद की वजह से एसिडिटी होना आम बात हो गई है. इस समस्या के लिए एक
सुरक्षित उपाय घर में इसबगोल की भूसी का होना है. भूसी पेट के अंदर एक सुरक्षा परत बनाकर जलन से बचाने में मदद करती है. इसके प्रभाव से एसिड कम हो जाता है
4 बवासीर का करे नाश - बवासीर की सबसे बड़ी वजह पेट में कब्ज का होना है, पुराने कब्ज की वजह से लोग पाइल्स यानी बवासीर के शिकार हो जाते हैं। जो लोग
दर्दभरे बवासीर से परेशान हैं वह फाइबर युक्त इसबगोल का सेवन कर सकते हैं। इससे बवासीर काफी हद तक ठीक हो सकता है। यह गुदा द्वार के दरारों को भरता है और
फैले हुए गुदा को खींचता है।
5 दिल की बीमारी को रोके - इसबगोल फाइबर से युक्त होता है। चूंकि इसकी प्रकृति हाइग्रोस्कोपिक होती है, इसलिए यह कोलेस्टरोल को एब्जाॅर्ब करता है। यह पेट और
आंत पर टाॅक्सिन व तैलीय पदार्थ के अत्याधिक जमाव को रोकता है। साथ ही यह भोजन के फैट को एब्जॉर्ब होने से भी रोककता है।
कैसे करें सेवन: दिन में दो बार भोजन के तुरंत बाद इसबगोल का सेवन करें।
6 मधुमेह को करे नियंत्रित इसबगोल में प्राकृतिक जेलाटिन पदार्थ पाया जाता है जो शरीर में ग्लूकोज के एब्जाॅर्ब्शन और इसके टूटने को धीमा करता है। यानी यह
ग्लूकोज के सेवन को कम करने के साथ ही मधुमेह को नियंत्रित करता है।
कैसे करें सेवन - पानी के साथ भोजन के तुरंत बाद लें।
आधुनिक इलाज के दौर में 'इसबगोल' का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है। पाचन तंत्र से संबंधित समस्याओं में दवा के रूप में इसका इस्तेमाल हो रहा है|कब्ज, दस्त,
जोड़ों के दर्द, मल में रक्त, पाचनतंत्र संबंधी गड़बड़ी, शरीर में पानी की कमी, मोटापा व डायबिटीज में इसबगोल काफी फायदेमंद होता है। जोड़ों के दर्द, कब्ज व पाचनतंत्र
को दुरूस्त करने के लिए रात के खाने के बाद एक गिलास गर्म दूध के साथ एक चम्मच इसबगोल की भूसी लेने से लाभ होता है। दस्त के दौरान रक्तस्राव हो या लंबे
समय से कब्ज हो तो आधा कप पानी के साथ इसकी भूसी लें। 20 मिलीलीटर की मात्रा में एक गिलास पानी में मिला लें और एक चम्मच इसबगोल के बीज साथ में लें।
इससे आंतों में होने वाली रूकावट व संक्रमण दूर होता है। तो आइए विस्तार से जानते हैं इसबगोल के फायदों के बारे में...
ईसबगोल के लाभ (Isabgol ke Fayde) -
isabgol benefits for health | isabgol ke chilke ke fayde
1 वजन कम करे - अक्सर पेट यानी आपकी आंतों में मौजूद वेस्टेज की वजह से ही शरीर में फैट बढ़ने लगता है, जब तक आपका पेट साफ नहीं होगा तब तक आप
स्वस्थ नहीं रह सकते है। पेट साफ न होना वजन बढ़ने का कारण बनता है। अगर आप चाहते हैं कि आपका वजन नियंत्रित रहे तो रात को सोते समय कुछ दिनों तक
इसबगोल का सेवन कर सकते हैं। फाइबर युक्त इसबगोल के सेवन से वजन कम करने में भी मदद मिलती है।
2 दस्त और डायरिया में राहत - 6 चम्मच दही के साथ 3 चम्मच भूसी के मिक्स करके बिस्तर पर जाने से पहले और भोजन के बाद खाने से तेजी से राहत मिलती है.
जल्दी राहत के लिए एक दिन में दो बार ले सकते है।
3 एसिडिटी में मदद - कभी-कभी हमारी गलत आदतों जैसे की फास्ट फूड खाने या कम नींद की वजह से एसिडिटी होना आम बात हो गई है. इस समस्या के लिए एक
सुरक्षित उपाय घर में इसबगोल की भूसी का होना है. भूसी पेट के अंदर एक सुरक्षा परत बनाकर जलन से बचाने में मदद करती है. इसके प्रभाव से एसिड कम हो जाता है
4 बवासीर का करे नाश - बवासीर की सबसे बड़ी वजह पेट में कब्ज का होना है, पुराने कब्ज की वजह से लोग पाइल्स यानी बवासीर के शिकार हो जाते हैं। जो लोग
दर्दभरे बवासीर से परेशान हैं वह फाइबर युक्त इसबगोल का सेवन कर सकते हैं। इससे बवासीर काफी हद तक ठीक हो सकता है। यह गुदा द्वार के दरारों को भरता है और
फैले हुए गुदा को खींचता है।
5 दिल की बीमारी को रोके - इसबगोल फाइबर से युक्त होता है। चूंकि इसकी प्रकृति हाइग्रोस्कोपिक होती है, इसलिए यह कोलेस्टरोल को एब्जाॅर्ब करता है। यह पेट और
आंत पर टाॅक्सिन व तैलीय पदार्थ के अत्याधिक जमाव को रोकता है। साथ ही यह भोजन के फैट को एब्जॉर्ब होने से भी रोककता है।
कैसे करें सेवन: दिन में दो बार भोजन के तुरंत बाद इसबगोल का सेवन करें।
6 मधुमेह को करे नियंत्रित इसबगोल में प्राकृतिक जेलाटिन पदार्थ पाया जाता है जो शरीर में ग्लूकोज के एब्जाॅर्ब्शन और इसके टूटने को धीमा करता है। यानी यह
ग्लूकोज के सेवन को कम करने के साथ ही मधुमेह को नियंत्रित करता है।
कैसे करें सेवन - पानी के साथ भोजन के तुरंत बाद लें।
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